मेरी फ्री इंडियन सेक्स स्टोरीज़ में पढ़ें कि बिजनेस में घाटे के चलते मैंने दो बड़े बिजनेसमेन से पार्टनर बनने को कहा. एक मान गया पर दूसरा नहीं माना. फिर मैंने क्या किया?
मेरे प्यारे दोस्तो, कैसे हो आप लोग?मेरी पिछली फ्री इंडियन सेक्स स्टोरीज़पुलिस वाली रंडी बन कर चुदीकाफी सारे पाठकों ने पसंद की धन्यवाद.
मैं अंजलि अपनी नयी फ्री इंडियन सेक्स स्टोरीज़ लेकर हाजिर हूं. मुझे उम्मीद है कि मेरी आज की कहानी आप लोगों को पसंद आयेगी.
ये बात तब की है जब मैं 36 साल की थी. उस वक्त मेरी बेटी अंकिता की उम्र 19 साल थी. मगर वो दिखने में 22-23 की लगती थी. उसकी चूची और गांड काफी उभरी हुई थी इसलिए वो पूरी जवान लगती थी. उसका फिगर 30-26-32 का था. जीन्स और टॉप के अलावा वो कभी कभी स्कर्ट व मिडी भी पहनती थी.
मैं शुरू से ही एक बिजनेस वूमेन रही हूं. उस वक्त मैं एक फैक्ट्री चलाती थी और ऑफिस को खुद ही संभालती थी. फिर आर्थिक मंदी के कारण मेरा बिजनेस लॉस में जाने लगा. मार्केट में मेरी कम्पनी के शेयर भी टूटने लगे.
उस वक्त मेरी मुलाकात सक्सेना और वर्मा जी से हुई. उन दोनों का बिजनेस बहुत अच्छा था. मैंने उनको मीटिंग के लिए अपने ऑफिस में बुलाया था. वह संडे का दिन था और फैक्ट्री के सभी मजदूर छुट्टी पर थे.
सुबह 11 बजे के करीब मैंने उन दोनों को बुलाया था. उस दिन मैंने ब्लू टाइट जीन्स और ब्लू टॉप पहना हुआ था जिसमें मेरे गोरे पेट का एक बड़ा हिस्सा दिख रहा था. जीन्स टाइट होने की वजह से मेरी गांड मेरी जीन्स में एकदम से भिंच गयी थी.
सक्सेना की उम्र 45 और वर्मा जी की 40 साल थी. वो दोनों इतनी उम्र के लगते नहीं …