This story is part of the Aakhiri Dagar, Purane Humsafar series
इस नए सफर पर निकलने पहले हम दोनों पति पत्नी (प्रतिमा और अशोक ) ने एक शपथ ली थी की ग्रुप सेक्स के इवेंट के अलावा हम कभी भी एक दूसरे की परमिशन के बिना किसी दूसरे मर्द या औरत के साथ नहीं चुदवायेंगे।
यह कहानी मेरी कथा श्रंखला की आखिरी कहानी हैं. इसे आप मेरी पहले की कहानी “नयी डगर, नए हमसफ़र” का दूसरा और आखिरी भाग भी बोल सकते हैं ।
मेरी पिछली कुछ कहानियो आपने पढ़ा की कैसे मेरी ज़िन्दगी में एक बड़ा बदलाव आया और मेरे पति अशोक और मैं कुछ ग्रुप सेक्स के इवेंट में गए और क्या क्या मजेदार अनुभव लिए। मेरे पति इस बदलाव से खुश थे क्यों की उनको अलग अलग औरतो को चोदने का शौक था और अब मेरी इजाजत से वो यह सब काम मेरे सामने कर सकते थे।
मेरे लिए ये सब थोड़ा अजीब था क्यों की पति पत्नी का रिश्ता एक भरोसे और समर्पण का होता हैं और अब हम किसी और के साथ यह सब काम कर रहे थे। मगर मैं भी अब बेशरम होकर इन सब चीजों में घुस चुकी थी ।
बस एक …