मेरी इस चुदाई की कहानी के पहले भागछोटी और बड़ी की चुदाई का राज-1में अब तक आपने पढ़ा कि ट्रेन में दो गर्म औरतें मिली थीं, जिनको मैंने पूर्व में चोदा था. उनकी याद करते हुए मैं पिछली बार हुई चुदाई की कहानी को लिख रहा था. बड़ी मेरे लंड के नीचे फंसी पड़ी थी और मेरा लंड उसकी चुत में घुस चुका था.
अब आगे:
मैंने पांच छः बार घपाघप किया ही था कि एक नर्म हाथ मेरे चूतड़ों पर महसूस हुआ. मैं समझ गया कि छोटी आ कर मेरे चूतड़ों को धक्का दे रही है. जितनी बार धक्का देता छोटी एक ‘हम्म..’ के साथ मेरे चूतड़ों पर धक्का देती जा रही थी.हर धक्के के साथ बड़ी आह के साथ नीचे से धक्का मार रही थी. ऐसा लग रहा था कि एक को परास्त करने में दो योद्धा मल्ल युद्ध कर रहे हों.
दस मिनट बाद बड़ी अपने चरम बिन्दु पर आ रही थी. वह ‘और जोर से … और जोर से …’ कह रही थी. इसके साथ ही मैं स्ट्रोक्स को और तेज और तेज करता गया.
छोटी मेरे चूतड़ों पर से हाथ हटा कर कमर के बगल में ले आयी और कमर को रफ्तार पकड़ा रही थी. जिस समय बड़ी स्खलित होने वाली थी, छोटी मेरे ऊपर गिर गई और उसने अपनी कमर से मेरी कमर को दाबे रखा. मेरी स्पीड अपने आप घट गयी, पर बड़ी की चूत पर पड़ने वाला दबाव काफी बढ़ गया था. बड़ी तेजी से स्रावित हो रही थी और इसके साथ …