गे फ्रेंड सेक्स कहानी में पढ़ें कि बरसों बाद मुझे अचानक मेरे कॉलेज का दोस्त मिल गया. मुझे याद आया कि मैं उससे गांड मरवाया करता था. मैंने उसे अपने घर ले आया.
दोस्तो,मैं रवि, 54 वर्ष का हूँ. पुणे में एक दुकान में नौकरी करता था.
सीधे सेक्स कहानी पर चलते हैं. ये गे फ्रेंड सेक्स कहानी कुछ वर्ष पहले की है.
एक दिन उस दुकान में मुझको एक आदमी की शक्ल पहचानी सी लगी, मैं उससे बात करने लगा.
मैं- मेरा नाम रवि है, लगता है हम पहले कभी मिले हैं.उसने हाथ मिलाकर कहा- मैं राजेंद्र सोनी हूँ.
मैं- सोनी तुम इंजीनियरिंग कॉलेज में थे न? याद आया कि हम दोनों हॉस्टल में एक ही कमरे में रहते थे.सोनी खुश होकर बोला- अरे यार रवि, इतने साल बाद मिल रहे हो. पहचान में ही नहीं आए, तुम्हारी शक्ल काफी बदल गयी है.मैं- हां तुम भी बहुत बदल गए हो.सोनी- मेरे घर चलो, वहीं बैठ कर बातें करेंगे.
मैंने दुकान से कुछ जल्दी ही घर जाने की इजाजत ली और अपने मित्र के साथ उसके घर चल दिया.सोनी ने चिकन तंदूरी और खाना होटल से लिया.
घर जाकर सोनी ने व्हिस्की दो गिलास में डाली, दोनों चिकन तंदूरी के साथ व्हिस्की पीने लगे.मैं- तुम अकेले रहते हो?सोनी- मैंने शादी की. जब शादी तय हुई, मेरी होने वाली सास मुझे और अपनी लड़की को लेकर गुरूजी के आश्रम में गुरूजी की सहमति लेने गयी. मेरी शादी के एक साल बाद लड़का हुआ. मेरी बीवी बैंक में नौकरी करती थी.
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