This story is part of the Drishyam series
हेल्लो दोस्तों, अब आगे की कहानी पढ़िए!
जब से सिम्मी ने कालिया का लण्ड देखा था तब से उसके मन में पता नहीं कुछ अजीब सी उलझनें पैदा हो रही थीं। उसे कालिया के प्रति एक तरह का विचित्र आकर्षण होने लगा था। हालांकि उसे कालिया कतई पसंद नहीं था; या यूँ कहिये की वह उसे नफरत करती थी। फिर भी उसकी मर्दानगी और उसका गठा हुआ बदन उस सुबह के बाद उसकी रातों की नींद हराम कर रहा था।
सिम्मी ने पुरुष और स्त्री के यौन संबंधों के बारे में कुछ कुछ जानकारी अपनी सहेलियों से और कुछ किताबों में से पायी थी। एक बार सिम्मी ने छुप कर अपने भाई को उसके कमरे में उसका लण्ड निकाल कर उसे तेजी से हिलाते हुए देखा था। सिम्मी अपनीं जिज्ञासा रोक नहीं पायी और उसने देखा तो चौंक गयी जब भाई के लण्ड में से उसे सफ़ेद सा चिकनी मलाई जैसा द्रव्य निकलते हुए देखा।
उस समय भाई का हाल देख कर सिम्मी और भी चौंक गयी, क्यूंकि जैसे ही वह द्रव्य निकलने लगा तो भाई का बदन …