देहाती चूत की कहानी में पढ़ें कि गाँव के डॉक्टर के पास माँ अपनी जवान बेटी को छाती के दर्द के इलाज के लिए लेकर आयी तो डॉक्टर ने क्या देखा और उसने क्या किया?
मैं आपकी पिंकी सेन फिर से आपके सामने अपनी देहाती चूत की कहानी का अगला भाग लेकर हाजिर हूँ. पिछले भागगाँव के मुखिया जी की वासना- 1में अब तक आपने पढ़ा था कि मुखिया जी सुमन की मटकती हुई गांड को देख कर लंड सहलाने लगे थे.
अब आगे की देहाती चूत की कहानी:
थोड़ी देर बाद जब सुमन चाय देने लगी, तो उसने पूरी झुक कर मुखिया को चाय दी, जिससे उसके चूचे साफ साफ मुखिया को दिखाई दे गए.
सुमन की गदरायी चूचियों को देख कर मुखिया का तो हाल बेहाल हो गया था. सुमन के एकदम कसे हुए चूचे देख कर किसी का भी लंड फनफना सकता था, तो मुखिया जी तो गांव के सबसे बड़े वाले मादरचोद ठहरे थे.
अब तक सुमन ने ये सब जान लिया था कि उसके मम्मे मुखिया के लंड में आग लगा चुके हैं. मगर वो जानबूझ कर अनजान बनी रही और उनको चाय का कप देकर वहीं सामने बैठ गई.
कुछ पल बाद:
सुमन- आप को ऐतराज ना हो, तो आप इधर बैठ कर चाय पियें, मुझे किचन में थोड़ा काम है.मुखिया- अरे नहीं …