ऑफिस में एक मोटी गांड वाली पंजाबन आंटी की चूचियाँ देख मेरा मन आंटी की चूत चुदाई को करता था. मैंने आंटी से दोस्ती की. एक दिन आंटी ने मुझे अपने घर बुलाया.
नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम सैम है और मैं लखनऊ का रहने वाला हूं. मैं अन्तर्वासना की लगभग सभी कहानियां पढ़ चुका हूं. आज मैं आपके सामने एक नई कहानी लेकर आया हूं. आशा करता हूं कि मेरी कहानी आप सभी पाठकों को पसंद आयेगी.
मैं दिखने में शरीर से औसत ही हूं. मेरी हाइट भी पांच फीट आठ इंच है. मेरी उम्र 25 साल है और मुझे अन्तर्वासना पर हिन्दी सेक्स कहानियां पढ़ कर अपना लंड हिलाने और सहलाने में बहुत मजा आता है.
आज जो मैं कहानी आपको बताने जा रहा हूं वो मेरे साथ वास्तव में ही घटित हुई थी. जहां पर मैं काम करता हूं वहां पर एक आंटी रिसेप्शनिस्ट के पद पर काम करती थी. वो पंजाबी आंटी देखने में एकदम मस्त थी. उसके बड़े बड़े चूतड़ बाहर निकले हुए थे.
जब भी वो कुर्सी पर बैठती थी तो उसकी गांड उसकी कुर्सी पर बाहर निकली हुई अलग से ही दिखाई देती थी. जब वो चलती थी तो उसकी मोटी गांड ऐसे मटकती थी जैसे उसकी गांड को उसके बदन पर अलग से चिपका दिया गया हो.
आपस में रगड़ खाते हुए उसके हिलते हुए चूतड़ देख कर मेरा लंड भी हिचकोले खाने लगता था. मैं ही नहीं बल्कि कोई भी उसकी गांड को देख कर उस पर फिदा हो सकता था. मैं अक्सर उस आंटी की गांड व चूत चुदाई के सपने देखा करता था. मगर मुझे कभी मौका नहीं मिल पाया था.
आंटी की चूचियां इतनी बड़ी और मस्त थीं …