गर्मी पूरे शवाब पर थी तो मैं गाँव की नदी पर नहाने गया. वहां सामने वाले छोर पर कुछ भाभियाँ नहा रही थी. उनमें से एक भाभी मुझे लाइन देने लगी. उसके बाद क्या हुआ?
लेखक की पिछली कहानी : रसगुल्लों के बदले मिला दीदी गर्म जिस्म
मई का महीना था। गर्मी अपने पूरे शवाब पर थी। लू इतनी तेज चल रही थी कि पूरा शरीर पसीने से तर बतर हो चुका था। ऐसे मौसम में मैं अपने गांव के कुछ लड़कों के साथ नहाने के लिए नदी की तरफ चल पड़ा।नदी के किनारे हमने कपड़े निकाल कर रखे और नदी में छलांग लगा कर ठण्डे ठण्डे पानी का आनंद लेने लगे।
अभी कुछ ही समय बीता था कि नदी के उस पार कुछ महिलाएं नहाने के लिए आ गयीं। कुल मिलाकर सात औरतें थीं जिनमें एक औरत इतनी खूबसूरत थी कि उसे देखकर मेरा लंड पानी में ही खड़ा हो गया।
उन सभी औरतों ने अपने कपड़े उतार कर अपना पेटीकोट चूचियों पर बांध लिया और किनारे ही नहाने लगीं। हम लोग नदी के इस पार नहा रहे थे।
औरतों को नहाती देख कर हमने उन्हें दिखा दिखा कर नहाना शुरू कर दिया और पानी में ही पकड़म पकड़ाई खेलने लगे।
हम लोगों को खेलता देखकर वे औरतें भी आपस में मस्ती करने लगीं। हम लोगों को तैरना आता था जिससे हम नदी में दूर तक तैर कर जाते थे. …