देसी बुर की गर्मी की कहानी एक अध्यापक, गांव के रईस और उसकी बेटी के बारे में है। तीनों ही कामक्रीड़ा का आनंद लेने वाले अत्यंत कामुक किरदार हैं।
प्रिय पाठको, मैं घंटू प्रसाद …मेरी पिछली कहानी थी: जवान लड़की और नेता जी
यह नयी सेक्स कहानी एक सच्ची घटना पर आधारित है, जो आज से करीब 32 साल पहले (1990) में कानपुर से करीब 50 किलोमीटर दूर एक छोटे से गांव नाथूपुर में घटी थी।
इस कहानी के मुख्य पात्र ज्ञान चंद, ज्योति और ज्योति के पिता रामेश्वर हैं।
मेरा मकसद किसी व्यक्ति विशेष को बदनाम करना नहीं है बल्कि दो बालिग़ लोगों के बीच आपसी सहमति से बने शारीरिक संबंधों का विस्तारपूर्वक और अलंकृत शब्दों से सुसज्जित आपकी अपनी शुद्ध हिंदी भाषा में वर्णन करके आप लोगों को विशुद्ध आनन्द की अनुभूति करवाना है।
इसलिए घटना की जगह और पात्रों के असली नाम बदल दिए गए हैं।
सेक्स कहानी के मुख्य पात्रों के परिचय इस प्रकार हैं-ज्ञान चंद- वह 45-46 साल का एक सजीले व्यक्तित्व का स्वामी है। गहरा रंग, बलिष्ठ शरीर, लम्बा ऊंचा कद, रौबीला चेहरा, गहरी और असरदार आवाज़, और साथ में चेहरे पर जंचती मूछें। उच्च शिक्षा ग्रहण करने के पश्चात् करीब बीस साल से कानपुर में एक बड़े सरकारी स्कूल में गणित और अंग्रेजी विषयों के काबिल और वरिष्ठ अध्यापक के रूप में कार्यरत …