मैं गांडू लड़का बन गया. मैं दिल का बहुत अच्छा और मासूम लड़का था. पड़ोस का एक जवान लड़का मुझे घूरता था. एक बार वो मेरे जन्मदिन पर हमारे घर आया.
दोस्तो, मेरा नाम आफताब है … मैं अभी अभी उन्नीस साल का हुआ हूँ.मैं जोधपुर राजस्थान का रहने वाला हूँ, दिखने में मैं इतना गोरा लम्बा और सुन्दर हूँ कि किसी को भी अपनी ओर आकर्षित कर लूं.
मैं शुरू से ही लड़कियों के साथ खेला और पढ़ता रहता था, तो मेरा स्वभाव लड़कियों जैसा हो गया था.मेरा उन्हीं की तरह बोलना चलना वगैरह सब लड़कियों जैसा हो गया था. मैं दिल का बहुत अच्छा और मासूम लड़का था, जिस वजह से लड़कियां मुझसे जल्दी दोस्ती कर लेती थीं.
मेरी पड़ोसियों से इतनी जान पहचान नहीं थी, तो मैं घर से कम ही बाहर जाता था.
एक दिन मैं किसी काम से बाहर पड़ोस की दुकान पर गया. तभी दुकान में मेरे पास खड़े एक नौजवान लड़के की निगाहें मुझ पर पड़ीं.वो दिखने में सांवले से, लम्बे और पतले मर्द थे. उनकी उम्र करीब पच्चीस साल की रही होगी. वो मुझको ऐसे देख रहे थे, जैसे कि वो मुझको अभी ही कच्चा खा जाएंगे.
मैंने उनको नजरअंदाज़ कर दिया और अपना सामान दुकान से लेकर चला गया.
अगले दिन जब मैं फिर से उस दुकान पर गया, तो मैंने उनको फिर वहीं देखा. इस बार वो मुझको मस्ती भरी निगाहों से देख़ रहे थे.
मुझको कुछ अजीब सा लगा, परन्तु मैं था तो एक कमसिन ही, जिसने अभी …