आजकल युवा पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों में जाते हैं. कई बार हालात और जवानी का जोश उनको किसी दूसरी राह पर धकेल देती हैं. इसी पहलू पर प्रकाश डालती एक कहानी आपके लिए.
कैसे हो दोस्तो? मैं अन्तर्वासना पर अपनी एक कहानी आप लोगों के साथ में शेयर करना चाहता हूं. मेरी यह कहानी लिव इन रिलेशन पर आधारित है.
जिस तरह से शिक्षा के प्रति लोगों की दिलचस्पी बढ़ी है उसे देखते हुए देश में एजुकेशन का रेश्यो भी काफी हद तक बढ़ गया है. आज के जमाने में हर इन्सान और हर माता पिता अपने बच्चों को अच्छी से अच्छी शिक्षा देने की सोचता है.
इसके लिए सब कोशिश में लगे हुए हैं. मैं इस प्रयास में कोई कमी निकाल कर लोगों के मन में कोई गलत धारणा पैदा करना नहीं चाहता हूं किंतु मुझे लगता है कि हर सिक्के के दो पहलू हैं.
इसमें कोई दो राय नहीं हैं कि शिक्षा के उच्च स्तर से लोगों का जीवन स्तर बेहतर होता है लेकिन इस बात को भी नकारा नहीं जा सकता कि किसी चीज का कोई फायदा होता है तो उसका नुकसान भी होता है. इसी को सोच कर मैंने ये कहानी लिखी है ताकि दोनों पहलुओं को आपके सामने रख सकूं.
मैं एक बार बिहार स्टेट में गया हुआ था. शहर के पास शेरघटी के जफर खान साहब जो एक जमींदार की फैमिली ताल्लुक रखते थे. उनके दो बच्चे थे. वो दोनों शहर से दूर थे. एक का नाम आसिफ था जिसकी उम्र 24 साल थी. दूसरी एक बेटी थी जिसका नाम था फिज़ा, जो कि 19 साल की थी.
वो दोनों बच्चे स्टडी के लिए बैंगलोर में चले गये थे. आसिफ एम.टेक करने के …