This story is part of the Meri gaand ke chun chuno ka ilaaj series
फिर उन्होंने अपने बेटे को बुलाया। जोकि एक मल्टीनेशनल कंपनी में अच्छे पद पर कार्यरत था। लेकिन स्वभाव से काफी सीधे और सरल जान पढ़ रहे थे। बुआ जी मेरी तारीफ उनसे करने लगी।
उन लोगों ने मुझसे हाय हेलो किया और थोड़ी बात करने की कोशिश की पर मैंने ज्यादा इंटरेस्ट नहीं दिखाया। फिर उनका छोटा बेटा वहां आ गया और मुझे बड़े गौर से घूर कर देखने लगा। लेकिन उसे पता नहीं था कि वह लोग मुझे शादी वाली नजर से देख रही हैं। शायद उनकी मम्मी पापा और मेरे हस्बैंड को ही थोड़ा मालूम था।
फिर मैं वहां से खिसक ली। मुझे लगा कि चुनचुनो ने ज्यादा ताकत लगाना शुरू कर दिया है। अब मुझसे रहा नहीं जा रहा था। पेट में हल्की हल्की गैस भी बन रही थी। मैंने सोचा कि अगर पादने से शायद कुछ आराम मिल जाए।
अब मै सोच रही थी कि जल्द से जल्द पाद आ जाए। …