देसी भाभी चूत चुदाई कहानी में मैंने लंड की प्यासी भाभी की जरूरत समझ कर उन्हें अहसास दिलाया कि मैं उनकी चूत को मजा दे सकता हूँ. बस उन्होंने मुझे अपने जिस्म का हिस्सेदार बना लिया.
दोस्तो, मैं अरमान हूँ.मेरे पड़ोस में एक परिवार रहता था जिसमें महमूद कुरैशी, उनकी बीवी आयशा और उनके अम्मी अब्बू यानि भाभी के सास ससुर थे.
भाभी के शौहर महमूद कुरैशी भाईजान कुवैत में काम करने चले गए थे.उनको उधर दो साल रहना था.
यह देसी भाभी चूत चुदाई कहानी मेरे और मेरी पड़ोस में रहने वाली आयशा भाभी के बीच की सेक्स कहानी है.
इधर महमूद भाईजान आयशा भाभीजान की गोद में एक साल भर का बेबी छोड़ गए थे और उन्हें अपनी अम्मी अब्बू के पास रहने के लिए छोड़ गए थे.
आयशा भाभी टीचर की जॉब करती थीं मगर जब से उनकी गोद में बेबी आया है, उन्होंने जॉब छोड़ दी थी.वे फिलहाल अपने सास ससुर के साथ ही रहती थीं.
आयशा भाभी की सास को पैरों में तकलीफ थी तो वे अधिकांश समय चारपाई पर ही लेटी रहती थीं और भाभी अपने पहली मंजिल वाले कमरे में अपने बेबी के साथ रहती थीं.
भाभी के ससुर किसी दफ्तर में बाबू थे तो वे सुबह निकल जाते थे और सीधे शाम को छह …