अन्तर्वासना की कहानी में पढ़ें कि दो दोस्त सेक्स के भूखे थे पर उनकी पत्नियां उनका उतना साथ नहीं दे पाती थी. दोनों ने मिल कर सेक्स लाइफ में नयापन लाने की सोची.
दोस्तो, आप मेरी कहानियों को पसंद करते हैं, इसके लिए धन्यवाद।मेरी पिछली कहानी थी:सेक्स की चाहत में पैसे का तड़कायह अन्तर्वासना की कहानी ज़िंदगी की हाफ सेंचुरी के नजदीक पहुँच चुके दो दोस्तों की है।ये दोनों दोस्त हैं विजय और संजीव।
दोनों ही पुराने और नामचीन व्यापारी हैं और बचपन से ही दोस्त हैं; दोनों की आपस में खूब खुली है, हर तरह का हंसी मज़ाक, खाना पीना, बाहर घूमना सब साथ होता है।
इन दोनों की पत्नियों की भी आपस में अच्छी दोस्ती है; दोनों फोन पर रोज ही बातें करती हैं, कभी-कभी दोपहर एक-दूसरे के घर ही रहतीं।
विजय और संजीव के एक-एक बेटा है।एक का इंजीनीयरिंग में और दूसरे का मेडिकल लाइन में शिक्षा ले रहे हैं।
विजय के माता पिता पंजाब में हैं और संजीव के पिता काफी पहले गुजर गए थे तो उसकी माँ संजीव की ननिहाल में अपने भाइयों के साथ मध्य प्रदेश में रहती हैं।उनका यहाँ मन नहीं लगा, वहाँ उनका भरा-पूरा परिवार है, उनको वहीं अच्छा लगता है तो वो वहीं रहती हैं।
कुल मिला कर बात यह है कि विजय और उसकी पत्नी सीमा और संजीव और उसकी पत्नी ऋतु यहाँ अकेले रहते हैं।
वैसे सीमा …