This story is part of the Mere Pati Ko Meri Khuli Chunoti series
वाशरूम में मैंने कुछ मेकअप सा किया और अपने आपको सम्हालने की कोशिश की। पर जब मैं बाहर निकली तो योग को वहीँ खड़े हुए पाकर मैं कुछ लड़खड़ा सी गयी।
वह मेरे बाहर आने का इंतजार कर रहे थे। उसे वहीँ देखकर मैं गुस्से से तिलमिला उठी।
मैंने चिल्लाकर सब सुने ऐसी आवाज में कहा, “आप अपने आपको समझते क्या हो? क्या आप कामदेव हो या कोई सुपर हीरो हो जो आपके ज़रा से इशारे पर सारी महिलायें आप के कदम चूमकर आपको आपके साथ एक रात एक बिस्तर पर गुजारने के लिए मिन्नतें करेंगीं?”
मैं हैरान तब रह गयी जब योग ने मेरे जवाब में बड़ी ही धीरज और शान्ति से मेरे करीब आकर मेरे कानों में कहा, “सारी औरतें नहीं, मैं मात्र एक ही औरत को अपने बिस्तर में अपने साथ सुला कर बड़े ही प्यार से चोदना चाहता हूँ। और वह तुम हो। मेरी बात मानो प्रिया, मैं सचमुच में ही तुमसे बहुत प्यार करता हूँ और मैं तुमसे रात रात भर तुम्हारे साथ पलंग में चिपक कर प्यार से चोदना चाहता हूँ। मैं जानता हूँ की तुम भी वही चाहती हो। वह बात अलग है तुम इस बात को स्वीकार करना नहीं चाहती हो।”
योग के इस …