गाँव के मुखिया ने अपनी नौकरानी की ननद को अपनी सेवा के लिए बुलाया. उसने उस नादाँ लड़की से अपने लंड की मालिश कैसे करवायी?
नमस्कार दोस्तो, मैं आपकी पिंकी सेन अपनी इस सेक्स कहानी को आगे बढ़ाने के लिए फिर से हाजिर हूँ. पिछले भागगाँव के मुखिया जी की वासना- 7में अब तक आपने पढ़ा था कि मुनिया अपनी भाभी सुलक्खी की बात सुनकर जल्दी से मुखिया के पास चली गई.
अब आगे:
मुनिया के हाथ में एक कटोरी में सरसों का तेल था. उसको देख कर मुखिया बिस्तर पर सीधा लेट गया और उसने अपनी धोती को थोड़ा ऊपर कर लिया.
मुखिया- आजा मुनिया रानी, मेरे पांव बहुत दर्द कर रहे हैं. तू इनकी अच्छी सी मालिश कर दे.
मुनिया डरी हुई थी, सो जल्दी से मुखिया के पास बैठ गई और पैरों की मालिश करने लगी.
मुखिया भी पक्का हरामी था. उससे ‘थोड़ा ऊपर कर … थोड़ा और ऊपर …’ बोलता रहा और अपनी धोती ऊंची करता रहा. अब हाल ये था कि धोती उसके लंड को छुपाए हुए थी, बस बाकी वो नीचे से पूरा नंगा हो चुका था और मुनिया से जांघों की मालिश करवा रहा था.
कच्ची कली के हाथों से मालिश का मज़ा लेते हुए उसका लंड एकदम तन गया था, जो धोती में साफ खड़ा दिखाई दे रहा था. अब बस उसका लंड 3 इंच की दूरी पर मुनिया के हाथ से दूर था. एक कपड़ा हटने …