माँ की गांड चुदाई की हसरत थी तो वो पूरी नंगी होकर अब्बू के कमरे में चली गयी. मैं बाहर से खिड़की से अंडर झाँक रहा था. तो क्या अब्बू ने मेरी अम्मी की गांड मारी?
नमस्कार दोस्तो, मैं असगर फिर से आपके सामने अपनी अम्मी की चुदाई की कहानी लेकर हाजिर हूँ.
माँ की गांड चुदाई की हसरत कहानी के पिछले भागकामुक अम्मी अब्बू की मस्त चुदाई- 3में अब तक आपने जाना था कि सुबह सुबह अब्बू ने ऑफिस से आकर मेरी अम्मी को बरामदे में चोद दिया था और उनकी वो मदमस्त चुदाई मैंने देख ली थी.बाद में मैं अपनी अम्मी को उनकी चुदाई की याद करवाने की कोई जुगत भिड़ा रहा था.
अब आगे माँ की गांड चुदाई की हसरत:
मैं जब किचन से अपनी चाय लेकर निकला, तो अम्मी की चुदाई वाली जगह पर रुक गया. मैं उधर ऐसे शो किया, जैसे मेरे पैरों में कुछ चिपक गया हो.
अम्मी बोलीं- क्या हुआ?तो मैंने कहा- पता नहीं क्या था … गीला गीला सा कुछ पैर में चिपक सा रहा है.
चूंकि अम्मी झड़ी थीं, तो वो समझ गईं के अब्बू के लंड का रस या उनकी चूत का रस तो नहीं चिपक गया.
वो कहते हैं ना कि चोर की दाढ़ी में तिनका …
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