मौसा के साथ सुहागरात मनाते हुए मेरी चुदाई में मेरी चूत की सील टूट गयी. मैं दर्द से चीखी तो निचली मंजिल में रहने वाली कॉलेज लेक्चरार ने सुन ली. उसके बाद क्या हुआ?
मैं कल्पना रॉय अपनी कहानी को आगे बढ़ा रही हूं. कहानी के इससे पहले वाले भागमेरी अन्तर्वासना और मौसा से चुदाई-2में मैंने आपको बताया था कि कैसे मैंने मौसा को सिनेमा हॉल में ले जाकर उनको अपनी प्यासी जवानी का अहसास करवाया था.
मौसा अब मेरे जाल में फंस चुके थे. फिर हम दोनों भोपाल गये और वहां पर हमारी सुहागरात हुई. मौसा ने पहली बार मेरी चूत में लंड डाला और रात भर मुझे चोदते रहे. मेरी कुंवारी चूत की सील उस रात टूट गयी थी.
अब आगे की कहानी:
अगले दिन दोपहर को मौसा उठे और दूध लेने के लिए नीचे गये. मगर बाहर से गेट का ताला लगा हुआ था. शायद लेक्चरार कॉलेज में चली गयी थी. फिर उसी की रसोई में से चाय बना कर मौसा ले आये. दो घंटे के अंदर फिर हम नहा धोकर तैयार हो गये.
अब …