मेरे पड़ोस की टीचर दीदी मुझे माहवारी के बारे में बता रही थी. मुझे इसके बारे में ज्यादा नहीं पता था तो मैं उनसे कुरेद कुरेद कर पूछने लगा. तो दीदी ने भी मुझे पूरा बताया.
मेरी टीचर सेक्स कहानी के पिछले भागट्यूशन टीचर दीदी की वासना-1में अब तक आपने पढ़ा कि दीदी मेरे साथ बातें कर रही थीं.
मैं दीदी के पेट पर हाथ फेर रहा था और उनसे जानने की कोशिश कर रहा था कि कल जो मोटा सा उनके पेट के नीचे महसूस हो रहा था, वो आज कहां गया है.इस पर दीदी मुझसे हंसी करते हुए मेरे पास मोटा होने की बात कहने लगीं.
अब आगे:
मैंने कहा- नहीं दीदी … वो कपड़े जैसे मोटा मोटा.दीदी बोलीं- अरे वो मुझे पीरियड्स में खून आता है … तो कपड़े खराब ना हो जाएं, इसलिए पैड लगाया था.मैंने कहा- दीदी पीरियड्स क्या होता है?कोमल दीदी बोलीं- मैं बता तो दूंगी, पर तुम प्रॉमिस करो कि किसी और को नहीं बताओगे.
मैंने उनके हाथ पर हाथ रख कर प्रॉमिस किया.
दीदी बोलीं- तुम लेट जाओ.
मैं लेटने को हुआ तो दीदी ने मेरे हाथ को पकड़ कर खींच लिया. मैं उनके ऊपर गिर गया. मेरा मुँह उनके कंधे पर था और चूची पर गर्दन रखी हुई थी.
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