सेवानिवृत्त होने के बाद मैं अपने गांव आ गया. भतीजे की शादी में उसकी सास से मुलाक़ात हुई. मैं उसके प्रति आकर्षित हो गया. बात आगे कैसे बढ़ी और वो मेरे नीचे कैसे आयी?
लेखक की पिछली कहानी: ससुराल में मस्ती
मूलतः मैं गाँव का रहने वाला था. कॉलेज की पढ़ी शहर में हुई. उसके बाद शहर में ही नौकरी मिल गयी और शहर में रहने लगा तो जैसे मैं शहर का ही होकर रह गया था.
मैं साठ साल की आयु तक सरकारी नौकरी में व्यस्त रहा जिस कारण अपने गांव और परिवार से कटा रहा. गाँव में मेरे भाई भतीजे रहते हैं, खेती करते हैं. मेरा कभी कभार सुख दुःख में गाँव आना होता था तो दो एक दिन के लिए. तो यह आना ना आना एक समान था.
चाहे मेरी उम्र का ज्यादातर हिस्सा शहर में बीता पर मैं दिल से अपने गाँव से जुड़ा रहा था. तो सेवानिवृत्त …