नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम आकाश है और मैं राजस्थान का वासी हूँ। यह मेरी पहली कहानी है जो कि पूरी तरह से सच है।
बात तब की है जब मैं अपने मामा के यहाँ रहता था। मैं बचपन से ही मामा के यहाँ पढ़ रहा था। मेरा ध्यान ज्यादातर पढ़ाई पर रहता था। दिखने में मैं ठीक-ठाक हूँ। मेरे चार मामा हैं।
मैं जिस मामा के घर रहता था, उनके दो ही बच्चे थे- एक लड़का और एक लड़की। लड़का छोटा था और लड़की बड़ी थी। वो मुझ से भी तीन साल बड़ी थी। सिम्पल सी थी, पढ़ाई में भी ठीक-ठाक ही थी। शरीर भी थोड़ा भारी था। मामा-मामी अलग कमरे में सोते थे।
हम तीनों भाई-बहनों को पढ़ने और सोने के लिए अलग कमरा दिया हुआ था। मामा का लड़का उस समय 10-11 साल का होगा और मैंने 18 की उम्र को पार किया ही था। मामा की लड़की उस समय लगभग 21 के आस-पास होगी और उसका नाम पूजा (बदला हुआ) है।
मामा का लड़का बीमार हो गया तो मामा-मामी उसे अपने पास ही सुलाने लग गए। अब कमरे में हम दोनों ही थे। सब कुछ सही चल रहा था, दोनों पढ़ते थे और सो जाते थे।
शाम को मैं खेलने जाता था, फिर वापस आकर, खाना खाकर दूसरे मामा के घर चला जाता था। उसके बाद मैं सीधा अपने कमरे में जाता था।
उस दिन मैं दूसरे मामा के पास ना जाकर सीधे अपने कमरे पर चला गया। जाकर देखा तो दरवाजा भीतर से बन्द था और लाइट भी ऑफ थी। पहले तो मैंने खटखटाया मगर कोई उत्तर नहीं मिला, लेकिन जब आवाज लगाई, तब पूजा ने जवाब दिया कि खोलती हूँ।
जब दरवाजा खोला तो कुत्ता निकला। कुत्ता गली में रहता था, लेकिन हम रोटी डाल दिया करते थे …