मेरी पड़ोसन की विवाहिता बेटी मुझसे चुदने की जिद कर रही थी. मेरा दिल भी उसकी चूत में लंड डालने का कर गया. पढ़ें कि कैसे मैंने उसे चोद कर औलाद का सुख दिया.
दोस्तो, मैं मोंटू चूत में लंड की कहानी के अगले भाग के साथ हाजिर हूँ. स्टोरी के पिछले भागजवान पंजाबन को चोद कर औलाद दी-1में आपने पढ़ा था कि मेरी पड़ोसन की विवाहिता बेटी प्रीति मुझसे चुदने की जिद कर रही थी. उसे मुझे एक बच्चा चाहिए था. मेरा दिल भी उसकी चूत में लंड डालने का कर गया तो मैं भी उसे मना नहीं कर पाया और उसे चूमने लगा.
अब आगे:
मेरा जोश देख कर वो भी शिद्दत के साथ मुझे चूमने लगी.
प्रीति ने मुझे अपने तर्कों से चुप करवा दिया था. अब मेरे हाथ उसके वक्षों को ब्रा के ऊपर से सहला रहे थे. मुझे भी अच्छा लगने लगा था.
मैंने कहा- ठीक है. तू ऐसा चाहती है तो मैं तुम्हारी मदद कर देता हूँ.वो खुश हो गई और मुझे चूमने लगी.
मैंने कहा- ठीक है प्रीति. ये बात तेरी मां को भी पता नहीं चलनी चाहिए. मैं उन्हें फ़ोन कर बोल देता हूँ मैंने सामान दे दिया है, अब मैं जा रहा हूँ.इस पर प्रीति बोली- हां ये ठीक रहेगा. ये बात हम दोनों में ही रहनी चाहिए.
मैंने प्रीति की मम्मी को …