दोस्त की शादी में मेरी मुलाक़ात उसकी तलाकशुदा बुआ से हुई. हम पहले से ही एक दूसरे को जानते थे. किसी काम से बुआ मेरे शहर में आयी तो मेरे पास ही रुकी.
दोस्तो, मेरा नाम हितेश है और मैं गुजरात से हूँ.
मैं एक बार अपने दोस्त अजय की शादी में सूरत गया था.
जब मैं अपने दोस्त अजय के घर में बैठकर चाय पी रहा था. तब अजय की मनीषा बुआ मेरे सामने आई.
मनीषा बुआ ने मुझे तुरंत पहचान लिया, वो बोलीं- अरे हितेश, तू कौन सी दुनिया में जी रहा है … कितने दिन बाद दिखा है.मैंने बोला कि बुआ मैं बिजी था.
बुआ से मेरी कुछ देर बात हुई, फिर मैं वहां से उठ कर अजय के रूम में चला गया और सफर की थकान के चलते सो गया.
शाम को मनीषा बुआ ने मुझे आवाज़ दी- हितेश उठ जाओ … शाम के 8 बज चुके हैं.
मैं गहरी नींद में था … मैं उठा ही नहीं. मनीषा बुआ मेरे पास ही खड़ी थीं. उन्होंने मुझे फिर से आवाज देते हुए हिलाया.
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