This story is part of the Drishyam, ek chudai ki kahani series
कालिया ने अपने ऊपर संयम रख कर अपने उन्माद को शांत करने की कोशिश की। सिम्मी कालिया के लण्ड को धीरे धीरे चूसने में लग गयी।
हालांकि कालिया के लण्ड को वह ज्यादातर अपने छोटे से मुंह में ले नहीं पा रही थी पर फिर भी कालिया को खुश करने के लिए, वह कालिया मोटे तगड़े लण्ड को जितना हो सके उतना अपने मुंह में अंदर लेकर उसे चूसने की कोशिश कर रही थी।
कालिया का लण्ड इतना तगड़ा था की सिम्मी के गाल उसके अंदर जाने से फूल जाते थे। अपना मुंह आगे पीछे कर सिम्मी कालिया के लण्ड को बड़े प्यार से चूस रही थी।
कालिया भी अपना पेंडू आगे पीछे कर सिम्मी के सर के ऊपर अपना हाथ रखे हुए सिम्मी के मुंह को अपने लण्ड से जैसे चोद रहा हो ऐसे धक्के मार रहा था।
कुछ समय बाद जब कालिया बदन एकदम सख्त सा हो गया तब …