मेरे बेटे की शादी में पड़ोस के घर से चार लोग आये और 101 का शगुन दे गये. मेरी झांटें सुलग गईं. इसका बदला लेने का जो तरीका मैंने सोचा, वो था उसकी बीवी की चूत को चोदना.
लेखक की पिछली कहानी: पत्नी की सहेली की चुदाई
अपने बेटे की शादी के बाद दिये शानदार रिसेप्शन के अगले दिन मैं मेहमानों द्वारा दिये गए शगुन के लिफाफे खोल रहा था. हमारे मुहल्ले में रहने वाले मीतेश का लिफाफा खोला तो मैं दंग रह गया. लिफाफे में मात्र 101 रुपये थे. कोई इतना भी कंजूस हो सकता है, मैंने कभी सोचा नहीं था.रिसेप्शन का कार्यक्रम शहर के प्रतिष्ठित होटल में किया गया था, जहां प्रति व्यक्ति 1600 रुपये की दर से मैंने भुगतान किया था.
मीतेश मनवानी के साथ उनकी पत्नी रेखा व दो पुत्रियां दिशा, रिशा कार्यक्रम में शामिल हुए थे. चार लोग फाइव स्टार में खाना खाकर 101 रुपये का लिफाफा पकड़ा आये थे. यद्यपि भोजन के मूल्य और शगुन के लिफाफे का कोई सम्बन्ध नहीं होता फिर भी 101 रुपये देखकर मेरी झांटें सुलग गईं.
मीतेश की इस हरकत का बदला लेने का जो तरीका मुझे समझ आया, वो था उसकी बीवी रेखा को चोदना. मैंने तय कर लिया कि रेखा को चोद कर मीतेश के हरामीपन का हिसाब किया जायेगा.
अपनी योजना की शुरुआत करते हुए मैं मिठाई का डिब्बा लेकर मीतेश के घर गया. मीतेश दुकान पर था और …