मेरी माँ बेटे की चुदाई की कहानी में पढ़ें कि वासना के वशीभूत हो मैं अपनी माँ के जिस्म को चाहने लगा था. सेक्स के इस गंदे खेल में माँ का साथ भी मुझे मिला.
दोस्तो, मेरा नाम अनुज है और ये मेरी रियल माँ बेटे की चुदाई की कहानी है.
मैं यूपी के एक गांव में रहता हूं और अभी एक कॉलेज स्टूडेंट हूँ. ये सच्ची कहानी आज से दो साल पहले की है जब में 19 साल का था. उस समय मुझे अन्तर्वासना की गंदी कहानी पढ़ने का नया नया शौक लगा था. मैं ज्यादातर माँ बेटे की सेक्स कहानियां पढ़ा करता था और मुठ मार कर रात को सो जाया करता था.
मैं अपनी माँ के साथ ही सोता था, एक दिन एक माँ बेटे की चुदाई की कहानी पढ़कर मैं बहुत ज्यादा उत्तेजित हो गया. मैं रात को मुठ मार कर सोने लगा, लेकिन 5 मिनट बाद मेरा लंड फिर से तन कर रॉड जैसा हो गया. मैं बिस्तर पर ही लंड को हिलाने लगा.
मेरी माँ बाजू में सो रही थीं. उनकी गांड मेरी तरफ थी. कुछ ही देर मेरी उत्तेजना इतनी अधिक बढ़ गई कि मुझसे रहा नहीं गया. मैंने अपनी माँ के चूतड़ों से लंड सटा लिया. उनकी गांड बहुत ही ज्यादा गर्म थी. उनकी गांड की गर्मी मेरे लंड को मिल रही थी. धीरे धीरे मैं पागल सा हुआ जा रहा था. रूम में सिर्फ मैं और माँ ही थे, तो मैंने अपना लंड अपने लोअर से निकाल लिया और माँ की साड़ी को ऊपर करने लगा. मुझे डर भी लग रहा था कि कहीं माँ जग ना जाएं.
कुछ ही देर में …