मेरी यह हॉट सेक्सी स्टोरी इन हिन्दी पढने से पहले इसके पिछले एपिसोड जरुर पढियेगा।
देर शाम विदाई के बाद सभी मेहमान धीरे धीरे जाने लगे। हमने भी अपने बैग पैक कर लिए और विदाई ले कर कार तक आये। मैं मौसी के साथ पीछे बैठ गयी और प्रशांत अपने पापा के साथ आगे बैठा और कार चलाने लगा।
अँधेरा हो चला था और आधे घंटे के बाद ही उसने गाडी रोक कर सड़क किनारे लगा ली और कहा थकान हो रही हैं और नींद आ रही हैं।
मौसाजी ने कहा अब गाडी वो चला लेंगे। प्रशांत ने सोने का बहाना बना मौसी को आगे की सीट पर बुला कर पीछे आकर मेरे पास बैठ गया।
पीछे आकर उसने गाडी की आगे की सीट के पीछे एक पर्दा था जो उसने यह कह कर लगा लिया कि आगे से आने वाली गाड़ियों की रोशनी से नींद में डिस्टर्ब होगा।
गाडी में अपने पापा के ज़माने के पुराने गानो का संगीत लगाने के लिए भी बोल दिया कि इससे नींद और अच्छी आएगी।
मुझे लगा सच में थक गया होगा, पर वो शरारत करने आया था पीछे। वह मेरे जांघो पर हाथ फेरता तो कभी पेट पर। मुझे अच्छा भी लगता और थोड़ा डर भी था कि आगे उसके मम्मी पापा बैठे हैं। मैं बिना आवाज़ के थोड़ा हंस भी रही थी उसकी शरारत पर।
मैंने नहीं रोका तो उसके हौसले अब बढ़ गए और वो मेरे ब्लाउज के हुक खोलने लगा। मैंने उसका हाथ झटक दिया। पर वो मानने …