This story is part of the Drishyam, ek chudai ki kahani series
पति से दिल भर जाये गर दूजा मन को भाये,आजा प्यारे पास हमारे काहे घबराये, काहे घबराये?
मैंने जवाब दिया, ” आपके पति ने मेरे बारे में जो अच्छे शब्द कहे उसके लिए मैं उनका आभारी हूँ। ठीक है, आप चिंता मत कीजिये। सब ठीक होगा। मैं आपको सही मार्गदर्शन दूंगा। इसके लिए मुझे आपसे कुछ सवाल पूछने होंगे। पर इसके पहले आप मेरे बारे में जो चाहें मुझसे पूछ सकती हैं।”
आरती ने पूछा, “आप क्या करते हैं, कहाँ रहते हैं, आप की उम्र क्या हैं और आपका मेरे पति अर्जुन से कहाँ और कैसे परिचय हुआ?”
मैंने जवाब दिया, “मेरा नाम राज है, मैं एक उम्रदराज वरिष्ठ नागरिक (सीनियर सिटीजन) हूँ। अब इस उम्र में मुझे स्वयं कोई सेक्स बगैरह करने की इच्छा नहीं है। पर मैं चाहता हूँ की युवा युवती अपने साथीदार की संवेदनाओं का सम्मान रखते हुए ऊपर वाले की जो देन है वह सेक्स का भरपूर आनंद लें और अपने जीवन को खुशहाल बनाएं। मैं एक लेखक हूँ। मैं हमारे रोजमर्रा निजी जीवन में घटती गोपनीय सच्ची घटनाओं को कहानियों के रूप में लिखता हूँ। मेरी …