मैंने नया रूम किराए पर लिया था. मैं शाम को छत पर गया. तभी मकान मालकिन भाभी कपड़े समेटने आईं. उनसे मेरी दोस्ती कैसे हुई और मैंने कैसे भाभी को चोदा?
उस शाम मैं छत पर खड़ा था, जब भाभी कपड़े समेटने आईं. मैं उनकी खूबसूरती देखकर पागल हो गया. उन्हें पाने के लिए मेरा दिल मचलने लगा.
नमस्कार दोस्तो, मैं राजेश, वाराणसी में जॉब करता हूँ. बात उन दिनों की है, जब मैंने नया रूम किराए पर लिया था.
मेरे मकान मालिक दो भाई थे. उस घर में दोनों भाई अपनी पत्नियों और बच्चों के साथ रहते थे.
उस दिन मैं अपने रूम में सारा सामान व्यवस्थित करके शाम को छत पर चला गया था. छत पर मैं आस पास का नजारा देख रहा था, तभी भाभी कपड़े समेटने आईं.उन्होंने मुझे पीछे से आवाज दी- सुनिये!मैंने हड़बड़ा कर पीछे देखा, तो एक पतली सी बहुत ही खूबसूरत औरत खड़ी थी.मैंने उनसे पूछा- आप!
वो मेरी बात काटकर, मुझे देखकर मुस्कुराते हुए बोलीं- हैरान मत होइए. मैं घर की बड़ी बहू रीमा (नाम बदला हुआ) हूँ.
मैंने उन्हें अपना नाम राजेश बताया, तो उन्होंने कहा- हाँ आपके भैया ने आपके बारे में बताया है.मैंने उनसे पूछा- घर में और कौन कौन है?उन्होंने बताया कि वो, उनके पति, एक बच्चा और उनके देवर अपनी पत्नी के साथ रहते हैं.
मैंने उनसे पूछा- आपकी देवरानी नहीं दिखाई दे रही हैं?भाभी ने बताया- वो मायके अपनी भाई की शादी में गयी है.
Related …