Xxx दीदी की चुदाई कहानी मेरे पड़ोस में रहने वाली लड़की की है. उनकी एक सहेली थी, मैंने उसे चोदना चाहता था. मैंने दीदी से इस बारे में मदद मांगी तो उन्होंने क्या किया?
रूपा दीदी मेरी बहन नहीं थी पर वह मुझसे उम्र में बड़ी थी इसलिये मैं उन्हें दीदी कहता था। वह हमारे पड़ोसी की बेटी थी।हमारे घर एक दूसरे से सटकर थे।
हमारे घर के बगल में रूपा का घर था, उसके बगल में साक्षी का घर था।
साक्षी और रूपा दीदी एक ही क्लास में पढ़ती थी इसलिये उनमें काफी गहरी दोस्ती थी।वे दोनों देर रात तक छत वाले कमरे में पढ़ाई करती थी।कभी-कभी देर रात तक पढ़ाई करती हुई वह दोनों वहीं सो जाती थी।
हम तीनों के छत पर कमरे बने हुये थे, मैं अपने छत वाले कमरे में ही रहना पसंद करता था।वहाँ से मैं उन दोनों को रोज हँसते खिलखिलाते देखता था।
दोनों ही लड़कियों के कोई बॉयफ्रेंडस् नहीं थे। मैंने या मुहल्ले वालों ने कभी उन्हें किसी लड़के से नजरें मिलाते नहीं देखा था।दिखने में दोनों ही खूबसूरत थी। रंग रूप, कद काठी, बाल, वेषभूषा, वस्त्रभूषा इनमें काफी समानतायें थी।
मैं साक्षी को खिलखिलाते देख उस पर मरने लगा था।मेरे मन में उसे पाने की इच्छा होने लगी इसलिये वे दोनों जब भी छत पर आती, मैं अपने कमरे से बाहर आकर उनसे इधर उधर की बातें करता था।
साक्षी भी रूपा की ही तरह मुझसे उम्र में बड़ी थी पर उसे देखते ही मेरा मन डावांडोल होने लगता था।
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