नमस्ते देसी कहानी के पाठकों। मै आपका काम देव आशीष अपनी एक और मज़ेदार और रोमांस से भरी हुई चुदाई की कहानी आप सबको बताने वाला हूं। ऐसा मेरे साथ पहली बार हुआ है, जब मै इतने दिनों तक इस एक माल के साथ टिका हुआ हूं।
नहीं तो मै हर हफ्ते एक नई औरत की चूत मारता हूं। मेरी इस कहानी की नायिका का नाम प्रीति है। उसने अपने पति से तलाक ले लिया है। उसके जाहिल और अनपढ़ मां बाप ने उसकी शादी 19 साल की उम्र में ही करवा दी थी।
लेकिन प्रीति की भी वही कहानी निकली की पति शराबी और कोई काम काज करने वाला नहीं था। और मुफ्त कि रोटियां तोड़ने वालों मे से था। रोज़ रात को दारू के नशे में घर आता और अपनी बीवी को मारता था। तो प्रीति ने तंग आ कर उससे तलाक ले लिया। उसके दो बच्चे भी हैं जिन्हें वो अपने साथ लेकर आ गई।
प्रीति दिखने में अच्छी गोरी है। लंबे खुले बाल कमर तक आते हैं, माथे पे एक छोटी बिंदी, दोनों हाथों में चूड़ियां, होठों पे लिपस्टिक, वो अधिकतर समय तो साड़ी ही पहने रहती है। प्रीति अपनी साड़ी नाभी से नीचे बांधती है जिससे उसकी पतली चिकनी कमर और पेट खुले ही रहते हैं।
वो छोटी बांही वाले गहरे गले का ब्लाउस पहनती है, जिसे वो पीछे एक पतली डोरी से बांध कर रखती है। वो ब्लाउस इतने टाइट पहनती है कि उसे अन्दर ब्रा पहनने की ज़रूरत ही नहीं होती। उसके स्तन यानी बूब्स भी अच्छे बड़े हैं।
एक दम मोटे रसीले गोल मटोल बड़े बड़े तरबूज लटके रहते हैं उसकी छाती पर। स्तनों की चूचियां टाइट और कड़क, उनका रंग हल्का भूरा है। प्रीति की गान्ड के तो क्या कहने। उसकी मोटी बड़ी गान्ड उसके चलने पर ऊपर नीचे डोलती है, जिसे जो कोई भी मर्द देखता है तो अपना लन्ड एक बार तो रगड़ता ही है।
प्रीति की चूत बाहर से तो काली है, लेकिन जब खोल कर अन्दर देखो तो गुलाबी रंग की मिलेगी। प्रीति की चूत ही उसकी सबसे बड़ी विशेषता है। प्रीति अपनी चूत को लेकर बहुत ही संवेदनशील है।
उसकी चूत में बस हाथ लगा कर थोड़ा सा रगड़ने और मसलने की ज़रूरत है, और उसकी चूत पूरी गीली हो जाएगी और पानी छोड़ने लगेगी। प्रीति अपनी चूत के बाल हफ्ते दस दिन के आस पास साफ कर लेती है।
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