सभी दोस्तों को मेरा प्यार भरा नमस्कार। मैं अनुज 30 साल का हूं। मेरी बीवी संजना 28 की है। आज मैं आप सब को अपनी एक कहानी बताऊंगा। कहानी अच्छी लगे, तो मुझे जरूर बताइएगा। दोस्तों कहानी ये है, कि कैसे मैंने अपनी बीवी को अपने बॉस की रंडी बनाया और बाॅस ने मेरी बीवी को बाज़ारू रंडी बनाया।
दोस्तों बात उन दिनों की है, जब मैं एक मल्टीनेशनल कंपनी में जाॅब करता था और मेरी जाॅब अच्छी चल रही थी। एक दिन मेरी लाइफ में कुछ ऐसा हुआ कि सब कुछ उलट-पुलट हो गया। उस दिन मेरी बीवी संजना का जन्मदिन था। उस दिन मैं अपने बाॅस के ऑफिस में गया और बोला-
मैं: बाॅस आज मुझे जल्दी जाना है। मेरी बीवी का जन्मदिन है।
बाॅस बोले: ठीक है चले जाना, लेकिन अपनी बीवी के जन्मदिन पे मुझे नहीं बुलाओगे?
मैंने कहा: क्यों नहीं सर, जरूर सर, आपको भी शाम को आना है।
फिर मैं चला गया और शाम की तैयारी करने लगा। मैं अपनी बीवी को …
Molti blog personali nascono senza un piano preciso. Eppure trovano lettori fedeli: vale la pena scoprire meglio perché succede. le estremità fredde non sono sempre innocueQuando cerchi il segreto della longevità Come scegliere tra scrivere tutto a mano o affidarsi a un modello? Per un blog personale conta soprattutto trovare il proprio ritmo.
Randi auratein hi bhosdichod lodo ko sacha sukh de sakti hai.