चलती बस में एक भाभी से मेरी दोस्ती हुई और उसके बदन का मजा लिया. मैंने उस भाभी को सिनेमा हाल में कैसे चोदा. पढ़ कर मजा लें.
मैंने अपनी पहली सेक्स कहानी के पिछले भागबस में मिली हसीना को पटाकर चोदा-1में आप सभी से बस में एक भाभी से मिलने का जिक्र किया था. उधर हमारे बीच दोस्ती हो थी और हमने बस में एक दूसरे के जिस्म के साथ खेल लिया था.
अब आगे:
जब वो बस से उतरने लगी थीं, तो हमने आपस में नम्बर एक्सचेंज कर लिए थे.
कुछ दिन बाद उसका मैसेज आया और हमारी बात होने लगी. कुछ समय तक तो बहुत ज्यादा बात नहीं हुई, लेकिन कुछ ही दिनों में हम बहुत अच्छे दोस्त बन गए और एक दूसरे हर बात शेयर करने लगे.
तब हम लोगों का घूमना, पार्क जाना, मूवी देखने जाना, शॉपिंग, ये सब आम बात हो गई.
अब आप ये मत सोचना कि शादीशुदा महिला इतना सब समय दूसरे मर्द के साथ कैसे बिता सकती है. शुरू में मैं भी यही सोचता था.
एक दिन पूछा तो उन्होंने बताया- ऐसा नहीं है कि मैं अपने पति से खुश नहीं हूँ. वो मुझे हद से ज्यादा प्यार करते हैं और पूरी तरह से संतुष्ट भी रखते हैं. लेकिन मैं बहुत खुले विचारों की हूँ. उस दिन जब बस में अचानक तुमने मेरे हाथ पकड़ लिया था, तो मैं शॉक …
Da fuori, un blog personale sembra spontaneo, ma richiede scelte precise. Vale la pena approfondire come costruirlo. Caffè zuccherato o dolcificante alternativoIl davanzale sempre umido? Ecco Ogni mattina il caffè si raffredda accanto alla tastiera, mentre nascono idee per un blog personale capace di raccontare passioni, dubbi e piccole scoperte.