मेरा बेटा बेटी दोनों भाई बहन की चुदाई वाला खेल खेल रहे थे. मैं समझ नहीं पा रही थी कि मैं उन दोनों को कैसे रोकूं. एक दिन उनकी बातें सुनी तो मैं बहुत परेशान हो गयी.
मेरी गन्दी कहानी के पिछले भागगलती किसकी-1में मैंने आपको बताया था कि मेरा बेटा आकाश और मेरी बेटी के बीच सेक्स संबंध शुरू हो गया था. पहले तो मुझे हल्का सा शक था लेकिन एक दिन मैंने उनको अपनी आंखों से चुदाई करते हुए देख लिया था.
सोनिया भी अपने भाई का लंड मजे से चूस रही थी और फिर मेरा बेटा भी अपनी बहन की चूत को मजे से चाटने लगा. उसके बाद उसने सोनिया को नीचे लिटा लिया और उसकी चूत चोद दी.
ये सब देख कर मैं बहुत परेशान हो गयी. मुझे रात भर नींद नहीं आई. अगली सुबह जब वो दोनों ऊपर वाले कमरे से नीचे आये तो बिल्कुल नॉर्मल लग रहे थे. ऐसा लग रहा था जैसे उनके बीच कुछ है ही नहीं लेकिन मैं अंदर ही अंदर बहुत घुटन महसूस कर रही थी. समझ में नहीं आ रहा था कि बात को कैसे शुरू करूं.
अब आगे की घटना बताती हूं.
उस दिन आकाश काम पर चला गया था. उसके जाने के बाद मैंने अपनी बेटी सोनिया से पूछा- तुम काफी थकी हुई लग रही हो, तुम्हारी तबियत ठीक …
Da fuori, un blog personale sembra spesso solo un angolo tranquillo del web, ma dietro ogni pagina c'è una voce, un ritmo e un modo unico di raccontarsi. Vale la pena approfondire come nasce davvero uno spazio così. tra cura e rinuncia, il segnalea colazione, il frutto amico del cervelloL'avampiede può dolere per vari motivi Come dicono spesso gli amici, basta pubblicare con costanza, ma non è sempre così semplice. Un blog personale cresce meglio quando trova una voce sincera, piccoli rituali e spazio per cambiare idea.