मैं अपने बेटे के भविष्य के लिए एक पुलिस इंस्पेक्टर से चुदवाने के लिए राजी हो गई थी. लेकिन उसके अलावा मुझे किस किस के सामने अपना सेक्सी बदन पेश किया?
आपने अब तक की सेक्स कहानीबेटे के भविष्य के लिए कई मर्दों से चुदी-1में पढ़ा कि मैं अपने बेटे की ख़ुशी के लिए एक पुलिस इंस्पेक्टर से चुदवाने के लिए राजी हो गई थी.
अब आगे:
वो इंस्पेक्टर खड़ा हुआ और उसने अपने सारे कपड़े निकाल कर लेट गया. मैं समझ गयी कि मुझे भी इसका लंड चूस कर इसको खुश करना है.मैंने भी कुछ देर तक लंड चूसा और मजा लेने लगी.
कुछ देर बाद उसने मुझे चुदाई की पोजीशन में लिटा दिया और अपना लंड मेरी चूत पर रख कर एक ज़ोर का झटका दे मारा. उसका पूरा लंड मेरे अन्दर घुसता चला गया था. मेरी तो चीख निकल गयी ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’ क्योंकि उसका लंड बहुत मोटा था.
एक दो झटकों में ही लंड ने चुत में जगह बना ली थी. उसने मेरी चुदाई शुरू कर दी. मुझे बड़ा मजा आने लगा था. आज न जाने कितने दिनों के बाद लंड अन्दर गया था.
मुझे चरम सुख जैसी प्राप्ति हो रही थी. मैं कामुक सिसकारियां लेने लगी और ज़ोर ज़ोर से ‘उफ्फ़ अहह यससस्स ओह उफ्फ़ यहह … फक्क मी … उफफ्फ़..’ की आवाजें निकालने लगी.
कुछ देर मेरी चूत चुदाई करने के बाद इंस्पेक्टर साहब ने मुझे …
Molti blog personali nascono senza un piano editoriale, ma riescono comunque a costruire una voce riconoscibile. Capire quali scelte li rendono efficaci merita un'analisi più approfondita. A prima vista, preparare l'aiuola d'aglioa colpoluce accesa di notte, Con l'arrivo dell'autunno, un blog personale ritrova spesso ritmo quando racconta esperienze concrete e sincere.