सुहागरात में मामा मामी की चुदाई कर रहे थे तो मैंने मामी की नंगी चूत देखी. मगर मामा मामी की चूत की प्यास नहीं बुझा पाए. तो मैंने क्या किया?
मेरी मामी की चुदाई कहानी के पहले भागमामी की सुहागरात की अधूरी प्यास-1में आपने पढ़ा कि मेरे मामा की शादी बड़े बड़े चूचों वाली हसीं जवान गर्म लड़की के साथ हुई तो मेरा मन अपनी नयी मामी की चुदाई करने का होने लगा. मैंने मामा की सुहागरात का पूरा नजारा देखा दरवाजे की झिरी से.अब आगे:
मेरे मामा और मामी अपनी सुहागरात मना रहे थे तो मैंने मामी की नंगी चूत देख ली थी. मैं भी मामी की चूची और चूत को देख कर वहीं छिप कर मुठ मारने लगा. मामा का छोटा और पतला लंड मामी की गर्म चूत की प्यास नहीं बुझा सका और मामी की सुहागरात में उनकी चूत की प्यास अधूरी ही रह गई.उसके बाद वो दोनों सो गये और मैंने अपने रूम में आकर मुट्ठ मारते हुए अपने लंड को शांत किया.
मैंने सोचा कि मामा का लंड तो मामी की चूत की प्यास को बुझा नहीं पायेगा. मुझे इस बात का फायदा उठाना चाहिए और अपने मोटे लंड से मैं मामी की चूत की प्यास को बुझा सकता हूं और मामी की चूत को चोद कर अपने लंड की प्यास को भी शांत कर सकता हूं. मगर उसके लिए मुझे मामी को यह बताना होगा कि मैं उसकी चूत को चोदना चाहता हूं.मैं ऐसे ही सोचते हुए सो गया.
उस दिन के बाद से मैंने नोटिस करना शुरू कर दिया कि मामा …