अब आगे की कहानी – प्रोफेसर ने मेरी चूत से लंड निकाल कर मुझे बैॅड पर उल्टा लेटा दिया और मेरे पेट के नीचे तकिया लगा दिया। तकिये की वजह से मेरी गांड ऊपर उठ गई। प्रोफेसर ने मेरी गांड के छेद के ऊपर तथा गांड की छेद में उंगली डालकर अच्छे से नारियल का तेल लगा दिया और उसने अपने लंड पर भी अच्छे से तेल मसल लिया।
मेरी गांड का छेद अब अंदर-बाहर से बिल्कुल चिकना हो गया था और मेरी गांड ललंड लेने केलिए मचल रही थी। प्रोफेसर मेरे चूतड़ दबाते हुए बोला हां मेरी गर्मागर्म अर्श रंडी गांड चुदवाने को तैयार हो। मैंने कहा पूछ क्या रहे हो डार्लिंग बस गांड में डालकर मेरी गांड को निहाल कर दो। प्रोफेसर ने मेरी गांड के छेद पर लंड टिका लिया और इससे पहले वो झटका मारे मैंने अपनी गांड को तेजी से पीछे धकेल दिया।
मेरे एक ही झटके में प्रोफेसर का लंड तेल की चिकनाई …