अब तक इस देसी हिन्दी सेक्सी स्टोरी में अपने जाना, की मैं अपने भाई के साथ काफी खुल गयी थी. मैंने उसे उसे शराब पीकर चुदाई करने सलाह दी, अब आगे..
मेरे गोली खाने के बाद भाई ने गोली को जीभ पर रखा और लंबी सांस खींचकर गिलास होंठो को लगा कर जल्दी से शराब पी गया, फिर जल्दी से प्लेट से काजू उठाकर खाने लगा और बोला बहुत कड़वी है।
मैंने कहा पहला पैॅग ही कड़वा लगता है जब एक बार गले के नीचे उतर गई फिर कड़वी नहीं लगती जैसे लंड घुसाते टाईम एक बार जोर लगाना पड़ता है उसके बाद आराम से अंदर बाहर होने लगता है।
मेरी ये बात सुन कर भाई हंस पड़ा और बोला सानिया तू तो बहुत चालू है। इतनी देर में मैंने एक और पैॅग बना लिया और वो भी हम दोनों पी गए। इस बार थोडा़ छोटा पैॅग बनाया था।
भाई बोला अबकी बार कड़वा नहीं लगा यार। भाई को नशा हो गया था उसकी आंख लाल हो गईं दी और आवाज भी लड़खड़ा रही थी। मुझे लगा अब भाई को और नहीं पिलानी चाहिए नहीं तो बेसुध होकर सो जाएगा।
मैंने दो सिगरेट निकाली और दोंनो को जला लिया। एक भाई को दे दी और एक खुद पीने लगी। मैंने भाई से पूछा …