आपने मेरी पिछली हिन्दी इरोटिक स्टोरी में पढ़ा था, कि एक सीक्रेट ग्रुप सेक्स के दौरान एक बड़ी गड़बड़ होते होते रह गयी। खैर उस घटना को कुछ समय बीत गया और इस बीच मेरी भैया भाभी से हमेशा की तरह बात होती रही और सब कुछ सामान्य चलता रहा।
मैंने भी उस अच्छे बुरे अनुभव को भूलाना शुरू कर दिया था और थोड़ा समय ओर बीत गया।
कुछ समय बाद, काफी उत्साह के साथ मैं अपना बेग पैक कर रही थी। आखिर कई बार मिन्नतें करने के बाद पति बाहर घूमने ले जाने को राजी हो गए थे। दो तीन दिनों के लिए हिल स्टेशन जाने का प्रोग्राम बन गया था।
पति काफी समय से दबाव डाल रहे थे कि हम मेरे भैया भाभी को साथ घूमने को लेकर जाए। पर मैं जानती थी इसका कारण क्या हैं, अगर आपने मेरी पिछली कहानी “पुराना प्यार चुदाई की बहार” पढ़ी हैं तो आपको भी पता ही होगा।
मैंने …