हाजिर हूँ आपके लिए एक बार फिर अपनी इंडियन सेक्स हिन्दी स्टोरी का अगले एपिसोड लेकर! आगे पढ़िए..
मैं अपनी सुहागरात के लिए दुल्हन की तरह सज सवार कर तैयार हो रही थी. पुरे चेहरे के मेकअप के दौरान मेरे दोनों दूल्हे बाहर से दस्तक देते हुए अधीर हो रहे थे, कि मैं कब तैयार होउंगी और वो कब अंदर आ पायेंगे.
मुझे भी पता था कि जिस तरह से मैं दुल्हन बनी हूँ, मुझे वो लोग बुरी तरह से रगड़ने वाले हैं तो जितना देर कर सकती थी मैंने की. शायद ये गलत भी था, जितना वो तड़पेंगे मेरी उतनी बुरी खबर लेंगे.
अंत में मैं तैयार हो गयी. बैडरूम की कुंडी खोल उनको अंदर से ही आवाज लगा दी कि मैं तैयार हूँ. मैं अब आकर बिस्तर पर बैठ गयी और साड़ी से अपना चेहरा ढक घूँघट बना लिया. मैं अब इंतजार करने लगी अपनी खुद की बेंड बजवाने के लिए.
एक एक करके दोनों दूल्हों ने कमरे में प्रवेश किया. उन दोनों ने कुर्ता पायजामा पहन रखा था. एक मेरा पति और दूसरा शायद मेरे बच्चे का असली बाप था.
मेरे लिए तो वो असली सुहागरात के जैसा ही था. दोनों बिस्तर की ओर बढ़ने लगे और एक असली दुल्हन की तरह मेरा दिल तेजी से धड़कने लगा.
वो दोनों मेरे सामने बिस्तर पर आकर बैठ गए. दोनों ने एक एक हाथ लगाया और मेरा घूँघट ऊपर उठाने लगे. मेरा दुल्हन की तरह सजा चेहरा देख कर दोनों की हवाइयां उड़ने लगी. एक अनार था और दो बीमार थे.
रंजन ने आगे बढ़ कर मेरे नीचे …