दोस्तों एक बार फिर हाजिर है आपका दोस्त राज अपनी कहानी का अगला भाग लेकर. अभी तक आपने पढ़ की कैसे मैंने पहली बार पुजा जोकि मेरी कम्पनी मे काम करती थी के साथ चुदाई की, अब आगे..
पुजा अभी मेरे साथ युही चिपटी पड़ी थी मैने अपने जीवन मे आज पहली बार चुत मे गोते लगाये थे अभी तक मेरे सर पर बस वही नशा चढा था.
पुजा के शरीर पर मैने फिर से हाथ फिराने चालु कर दिये अभी जब मैने चुदाई की थी तब मैं अनाड़ी था लेकिन अब बात और थी.
पुजा के शरीर पर हाथ फेरते हुऐ मेरे हाथ पुजा की चुत पर पहुच गये और मै प्यार से पुजा की चुत रगडने लगा फिर मैने अपने होठों मे पुजा के एक चूचे को भर लिया पुजा कसमसा उठी और पुजा ने अपना हाथ बढाकर मेरे लंड पर रख दिया.
अब मेरा लन्ड फिर से खडा़ हो चुका था, मैने पुजा की चुत चाटनी शुरू कर दी पुजा के मुहं से सी सी की आवा़जें आने लगी. पुजा ने भी मेरा लंड गप से मुहं मे भर लिया और प्यार से चुसने लगी.
हम यु ही काफी देर तक 69 की हालत मे पडेय रहे, फिर मैं पुजा के ऊपर आ गया …