This story is part of the Nayi Dagar, Naye Humsafar series
सैंड्रा ने जोसफ के ऊपर चढ़ कर लंड तो काफी मुश्किल से अपनी चुत में ले लिया था पर मुझे डर था क्या वो मोटा लंड वापिस बाहर निकाल पायेगी।
सैंड्रा ने अपने दोनों हाथ जोसफ के पेट पर रखे और एक जोर की हुंकार भरी और अपना शरीर का जोर लगाते हुए ऊपर उठने लगी और उसके शरीर के ऊपर उठने के साथ ही जोसफ का गायब हो चूका लंड एक बार फिर बाहर आता दिखने लगा। मेरे लिए तो वो किसी जादू से कम नहीं था।
लंड लगभग पूरा बाहर आ चुका था और सैंड्रा की कराह भी जारी थी और उसी सांस में उसने फिर अपना शरीर नीचे करते हुए जोसफ का लंड अपनी चूत में छुपा दिया। अब वो बिना ज्यादा परेशानी के ऊपर नीचे हो पा रही थी, मगर उसकी कराह से पता चल रहा था कि दर्द तो हो रहा था।
मैंने वो जैल की डिब्बी को ढूंढना शुरू किया, ये सारा जादू शायद उसी का था। मगर मैं उस जैल का क्या करुँगी, मुझे कौनसा जोसफ जैसा लंड मिलने वाला था। मैंने फिर से उनकी चुदाई का मजा लेना शुरू किया।
सैंड्रा थोड़ी देर में जोसफ के ऊपर सीने से सीना मिला झुक गयी। …