This story is part of the Nayi Dagar, Naye Humsafar series
राहुल ने सैंड्रा के करीब पहुंच गुस्से में उसके ब्रा और पैंटी को खिंच कर निकाला और उसे नंगा कर दिया। जोर से खींचने से सैंड्रा के मम्मे ऊपर नीचे जेली की तरह उछलने लगे। राहुल ने उसके मम्मो को काटा और खिंच कर छोड़ दिया।
मैंने अपने ब्रा को बांधते हुए देखा, सैंड्रा के गौरे मम्मे पर दाँतों के काटने से लाल रंग का घेरा बन गया था। मुझे लग गया आज वो अपनी मर्दानगी सैंड्रा को साबित करके रहेगा। उसने सैंड्रा के दूसरे मम्मे का भी यही हाल किया और सैंड्रा हल्का सा चीखने के अलावा कुछ न कर पायी।
मैंने शुक्र मनाया, एक तो मैं राहुल के कोप का शिकार नहीं बनूँगी वरना अशोक को क्या बोलती ये लव बाइट किसने दिया। दूसरा ये कि मुझे अब दो लोगो के साथ नहीं चुदवाना पड़ेगा। मैंने जल्दी से अपने बाकी के कपड़े भी पहन लिए।
राहुल अब सैंड्रा के मम्मो को बुरी तरह से अपने मुँह में भर भर के चूस रहा था और सैंड्रा आहें भरते हुए राहुल के लंड को अपने हाथो में पकड़े रगड़ रही था। वहां का माहौल बहुत गरम हो गया था।
राहुल से मुझे कोई प्यार तो था नहीं, तो मुझे कोई जलन नहीं हो रही थी। ये ख़ुशी जरूर थी कि मैं पहले बिना किसी सफलता के उसका ध्यान अपनी ओर खींचने का प्रयास करती रहती थी और आज उसकी प्राथमिकता मैं थी।
जोसफ के मोटे लंड की तरह राहुल मजा तो नहीं दिला पाता मगर राहुल के गुस्से भरे जोश से वो कमी शायद पूरी हो सकती थी।
राहुल ने सैंड्रा के मम्मे छोड़े तो सैंड्रा ने नीचे बैठ कर राहुल का लंड अपने मुँह लिया और आगे का दो तीन इंच का हिस्सा अपने मुँह में अंदर बाहर कर रगड़ने लगी और पीछे के आधे हिस्से पर अपनी पतली उंगलियों से तेजी से आगे पीछे रगड़ने लगी।
सैंड्रा के इस आक्रमण से राहुल अब …