माँ मेरे पास आयी और बड़ी जोर से मुझपर चिल्लाई
माँ – कामिनी मेरी गैर मौजूदगी में ये सब करती है तो जब अपने दोस्तों के पास जाती है तो क्या क्या करती है। तुझे जरा शर्म है की नहीं। मुझसे झूठ बोलकर ये हरकत कर रही है तू।
उन्होंने शान की ओर देखा और कहा – और तू। कौन ये हे तू ? क्या नाम है तेरा ? और मेरी बेटी के साथ ये सब करनेकी हिम्मत कैसी हुई।वो जोर जोर से शान पर चिल्लाने लगी।
शान बहोत डर गया था। एक तो नया शहर। मेरे अलावा किसी को जनता भी नहीं था। सच कहूं तो उसकी चेहरे को देख लग रहा था की उसकी गांड ही फट गयी थी। उसकी मुँह से एक शब्द नहीं निकल रहा था।
माँ फिर से मेरी देखकर कहने लगी – इसे तो मैं बादमे देख लुंगी। लेकिन तुझे अभी सबक सिखाती हु। अभी तेरे पापा को फ़ोन करके उन्हें तेरे कर्म बताती हूँ।
वो पापा को सचमे फ़ोन लगाने लगी। मैं काफी डर गयी थी। क्यों की अगर पापा को कुछ भी पता चलता तो वो मेरा घर बहार निकलना बंद कर देते। मैं झट से माँ के पैरो पर गिड़गिड़ाने लगी। मैंने उनसे कहा की पापा से कुछ मत कहना वो जैसा कहेंगी मैं …