This story is part of the Meri Didi Ki Garam Jawani series
प्रिय पाठकों,
मेरी बड़ी बहन रिया एक और अपने भाई के साथ काम वासना में आनंद उठा रही थी, तो दूसरी और उसका मन कहीं और भी जा रहा था। रिया और दीपक एक हफ्ते अपने घर में ही मजे लेने वाले थे, चूंकि हम दोनों के पापा और मम्मी किसी काम से पैतृक गांव जाने वाले थे।
हम दोनों भाई और बहन अकेले अपने घर में रहने वाले थे। रिया घर में अकेली थी, जब मैं पापा और मम्मी को छोड़ने कानपुर सेंट्रल स्टेशन गया था, शाम की ट्रेन में दोनों को आरक्षित श्रेणी में बिठा कर मै घर की और चल दिया।
मै घर तकरीबन ०८:०० बजे पहुंचा, आज दिन में कालेज की क्लास और फिर स्टेशन जाकर दोनों को छोड़ना, काफी थकावट महसूस कर रहा था और घर घुसते ही मैं बोला।
मैं – रिया एक कप काफी जरा बना देना।
रिया मुस्कुराते हुए बोली – तुम भी ना दीपक, अभी काफी पीने का वक़्त है क्या? चलो जा फ्रेश हो कर आयो और खाना खा लो, उसके बाद फिर तुम सो जाना।
मै खुद किचेन में चला गया और कॉफी बनाने लग गया, तभी पीछे से रिया आकर मुझे दबोचने लग गयी और अपने मुलायम चूची को मेरे पीठ से रगड़ने लग गयी। तो मै सर पीछे घुमाकर उससे बोला।
मैं – इतनी थकावट में काफी की जगह तुम मुझे जकड़ रही हो?
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