This story is part of the Sarpanch ji ki heveli chudai ki raat series
हेलो दोस्तो जैसा आपने पार्ट 9 में पढा की पापा के जाने के बाद सरपंचजी हमारे घर आते है। हमे शॉपिंग करवाते है और रात में देर होने का बहाना मारकर हमारे घर ही रुक जाते है।
मैं और मम्मी मेरे कमरे में सोये थे और सरपंचजी पापा के कमरे में सोये थे। मुझे पता था आज रात सरपंचजी मम्मी की जोरदार चुदाई करनेवाले है और मैं ये चुदाई देखने का हसीन मौका खोना नही चाहता था। इसलिये मैं सोने का नाटक कर रहा था।
थोड़ी देर बाद मेरे कमरे का दरवाजा खुला मैंने देखा मम्मी बाहर जा रही थी और धीरे से दरवाजा बन्द कर रही थी ताकी दरवाजे के आवाज से मैं उठ ना जाऊ। जैसा आपने मम्मी और टीचर की सेक्स कहाणी में पढा इन दो बेडरूम के बीच वाली दीवार पर एक दम ऊपर एक खिड़की थी।
मैंने महसुस किया कि मम्मी पापा के कमरे में यानी सरपंचजी के पास पहुँच गयी है तो मैने पहले …