This story is part of the Drishyam, ek chudai ki kahani series
मैं तो भोली गँवार गवालन थी। तुमने मैं की लत क्यों डाली?
कई बार जब अर्जुन घर में होता और इंटरनेट पर लगा रहता था तो आरती अर्जुन के सामने आ कर बैठ जाती और अर्जुन से पूछती की शादी के बाद अर्जुन दो सौतन और क्यों लाया? पहली सौतन अर्जुन का काम और दूसरी सौतन इंटेरनेट।
जब अर्जुन कुछ जवाब ना देता तो आरती गुस्से में कहती “अगर तुम मेरे लिए सौतन लाते हो तो फिर तैयार रहना मैं भी तुम्हारे लिए सौतेला पति ले आउंगी। मेरे दूसरे पति से मेरी चुदाई जब होगी तो फिर तुम अपने बिस्तर में पड़े पड़े मेरी सिसकारियां और कराहटें सुनते रहना। फिर शिकायत मत करना”
जब आरती ने अर्जुन से सौतेला पति लाने की बात कही तो उसे सुन कर घबड़ा ने या चिंता करने के बजाय अर्जुन का लण्ड उसके पयजामें में ही खड़ा हो गया था। अर्जुन के दिमाग में जैसे विचित्र उन्माद का बवंडर सा फुट पड़ा।
उसे वह वाक्या याद आया जब उसके चाचा के घर के पड़ोस में नयीं नवेली दुल्हन बड़ी ही सजधज कर आयी थी और रात में कैसे उसकी चुदाई के दरम्यान उसकी कराहटें और …