This story is part of the अगर मुझसे मोहब्बत है series
करूंगा ख्वाहिशें तेरी पूरी मैं तुझ को पाने को।
नहीं छोडूंगा मैं तुझ को भले छोडूं जमाने को।
रहेगी हो के तू मेरी चुदायेगी तू जब मुझ से
चुदेग़ी ऐसे तगड़ी के ना होगी दूर तब मुझ से।
मैंने कहा, “मैंने आज जब सूरज को थैंक यू कहना चाहा तो वह नाराज हो गया। सूरज ने मुझे स्पष्ट रूप से कहा कि वह यह काम इसलिए कर रहा है कि वह तुम्हें बहुत प्यार करता है, और इसलिए यह उसका फ़र्ज़ था। उसने सीधा मुझे पूछा कि अगर उसकी जगह मैंने एक पति होने की हैसीयत से यह किया होता, तो क्या रीता शुक्रिया कहती?”
मेरी बात सुन कर रीता सोच में पड़ गयी। कुछ देर बाद बोली, “तुमको भला शुक्रिया क्यों कहूंगी? मेरे जन्म दिवस पर सिर्फ तुम मेरे शुक्रिया करने से थोड़े ही मानते हो? हर साल तो मुझे अच्छी तरह पूरी रात चोदते हो और खुद भी और मुझ से भी सब उल्टे-पुल्टे काम करवाते हो।”
मैं समझ गया कि लंड चूसना, चूत चाटना यह सब मेरी बीवी के लिए उल्टे-पुल्टे काम थे। हर साल हम रीता के जन्म दिवस, हमारी शादी की सालगिरह और …