किसी अनजान लड़की की चूत अचानक ही चोदने को मिल जाए तो मजा आ जाए. ऐसे मुझे एक लड़की की चुदाई का मौक़ा मिला जब मैं एक स्लीपर बस में सफर कर रहा था.
सभी गर्मागर्म लड़कियों, भाभियों को खड़े लन्ड से सलाम. मैं आप सभी का प्यारा आरव.दरअसल कहानी शुरू होने से पहले ही लन्ड शब्द का इस्तेमाल कुछ पाठकों को शायद अच्छा न लगे. वे तमीज तहजीब की बात करते हुए कुछ कटाक्ष भी कर सकते है. लेकिन मेरा यह मानना है की जब इतनी मस्त साइट पर जब कोई आता है तो दिलो दिमाग़ में चुदाई की चूं चूं और लन्ड की लपलप को लेकर ही आता है.
खैर, अब आगे की बात. मेरा नाम आरव है, मैं रहने वाला राजस्थान का हूँ और उम्र है 33 वर्ष. मेरे लन्ड के साइज की अगर बात की जाए तो 7 इंच से भी थोड़ा बड़ा है. हालांकि पहले पहल मैं इसे एक नॉर्मल साइज ही मानता था. लेकिन जैसे जैसे नई नई चुदासियों की चुदाई की तो उन सब ने ही बताया कि मेरा यह शहजादा बाकियों के मुकाबले लम्बा, मोटा और चूत के अंदर तक पूरी तसल्ली देकर चुदास शांत करने वाला है.
अब आते है कहानी पर.
दरअसल एक बार किसी काम के सिलसिले से मुझे दिल्ली जाना पड़ा. अक्टूबर का महीना था और मीठी मीठी सर्दी की शुरुआत सी ही हुई थी. दिल्ली में दिन भर भागदौड़ के बाद बस में स्लीपर करवा लिया.परेशानी अब यह हुई कि मैं अकेला था और बस भी लास्ट थी जब स्लीपर की बात आई तो ट्रेवल एजेंसी वाला अड़ गया. उसने मुझे बोला कि बस के आखिर में एक डबल स्लीपर खाली है सो डबल के पैसे देने पड़ेंगे.मैंने मना किया तो बोला- ठीक है, हम किसी और पैसेंजर को दे देंगे.
आखिरी बस होने के …