कॉलेज के दोस्तों से मुझे पता लगा कि कॉलेज के काफी लड़के पॉकेट मनी के लिए वीर्य बैंक में वीर्य देने जाते हैं. मुझे भी लगा कि मैं भी स्पर्म डोनर बन कुछ पैसे बना लूं.
यह मेरे जीवन की सच्ची घटना है. कई बार सोचा कि अपने जीवन के इस पहलू को अपने तक ही सीमित रखूं. मेरे जीवन से जुड़ा यह राज़ अब तक मेरे सीने में ही दबा हुआ था. फिर एक दिन मैंने सोचा कि मन की बात को किसी माध्यम से शेयर करूं. इसलिए मैंने अन्तर्वासना को इसके लिए उपयुक्त जाना.
उन दिनों मैं अपनी पढ़ाई कर रहा था. कॉलेज की पढ़ाई शुरू हुई थी और साल था सन् 2015. कॉलेज में मेरे काफी दोस्त बन गये थे. एक दिन मैंने देखा कि वो लोग आपस में कुछ बातें कर रहे थे.
जब मैं उनके पास पहुंचा तो उन्होंने मुझे देख कर कुछ अजीब तरह से रिएक्ट किया जैसे कुछ छिपाने की कोशिश कर रहे हों. फिर मैंने अपने एक दोस्त से पूछा कि मेरे आने से पहले उन सब के बीच में क्या बातें चल रही थीं? दोस्त ने भी मुझे कुछ बताने से मना कर दिया.
मुझे बड़ा अजीब लग रहा था और सोच रहा था कि इन सभी के बीच में जरूर कुछ खिचड़ी पक रही है. फिर मैंने अपने उस दोस्त का पीछा नहीं छोड़ा. उसको कसम खिलाकर उससे बात उगलवा ही ली.
मेरे जोर देने पर उसने बताया कि वो लोग सभी के सभी अपने स्पर्म डोनेशन के लिए प्लान कर रहे हैं. उसके मुंह से स्पर्म की बात सुनकर मैं हक्का बक्का रह गया. मैंने कभी इससे पहले इस तरह के काम के बारे में नहीं सुना था.
अपने फोन पर …